सकारात्मक सोच की शक्ति – Power of positive thinking

सकारात्मक सोच की शक्ति – life के हमेशा दो ही पहलू होते है पहला सकारात्मक Positive और दूसरा नकारात्मक Negative – इनमे फर्क तो सिर्फ एक अक्षर स और न का है पर इनके मायने में बहुत बड़ा फर्क है सकारात्मक होना किसी भी मनुष्य की success की पहचान है पर ठीक इस के विपरीत नकारात्मक failure की पहचान पर यह सकारात्मक और नकारात्मक विचार आते कहा से है।
powaer of positive thinking
Positive thinking – विचार कहा से आते है – सकारात्मक विचार या नकारात्मक विचार हमारे नजरिये से आते है। किसी चीज को देखने का हमारा नजरिया कैसा है क्योंकि अगर किसी भी चीज को सही नजरिया Positive way से देखा जाय तो उसमे अच्छाई नजर आती है पर उसी चीज को अगर गलत तरीके से देखा जाए तो सही चीज भी बुरी लगती है।  

Power of positive thinking सकारात्मक या नकारात्मक

कोई भी व्यक्ति फिर चाहे वह बड़ा negativity खुद के विचारो से आती है। पर लोग सोचते है कि इसे बदला नहीं जा सकता पर यह गलत है क्योंकि इस दुनिया में कोई भी चीज नहीं है जिसे की बदला न जा सके तो फिर आपकी thinking क्यों नहीं बदली जा सकती है  विचार जब नकारात्मक होने लगते है जब हम किसी भी चीज को करने में success नहीं हो पाते या फिर कोई काम हमारी desire के अनुरूप जैसा हम चाहते है नहीं हो पाता और लोग negative हो जाते है। जबकि  अगर आप किसी काम को नहीं कर पा रहे है तो आपका नकारात्मक नजरिया failure का पहला कारण है क्योंकि जब आप उस काम के प्रति जो आप कर रहे negative सोच रखेंगे तो success नहीं हो पायेंगे और यह किसी भी काम को विफल करने के लिए काफी है।

सकारात्मक कैसे बने –
Positivity हमारे विचारो से आती है तो विचारो को वश में करने का एक सरल तरीका है
। किसी भी काम या व्यक्ति को छोटा न समझे क्योंकि अगर शून्य भी one के साथ खड़ा हो जाता है तो उसकी शक्ति दस गुना बढ़ जाती है तो सोचिये एक से नौ तक साथ में खड़े हो जायेगे तो हमारी power अपार हो जायेंगी फिर हम किसी भी चीज का सामना बड़ी ही आसानी से कर पाएंगे ।

Leave a Reply