Facts about bharat ratna – भारत रत्न के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी –

आज आप hindihint.com  पर भारत रत्न के बारे में बहुत गहराई से जानकारी प्राप्त करेंगे हम आपको इस सम्मान से जुड़े ऐसे facts के बारे में बताएंगे जो शायद ही आप जानते हो आइये जानते है भारत रत्न से जुड़ी बातें –

भारत रत्न देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। इसके मेडल में पीपल के पत्ते के आकार पर सूर्य का चित्र बना रहता है यह सम्मान जनसेवा में उत्कृट(Excellent) कार्य करने के लिए दिया जाता है। इन सेवाओं में साहित्य, कला, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है।

यह पुरस्कार 2 जनवरी 1954 को प्रारम्भ किया गया था। शुरू में इस सम्मान को मरणोपरांत After Death नहीं दिया जाता था, परन्तु 1955 के बाद यह निर्णय लिया गया और यह मरणोपरांत भी दिया जाने लगा। इसके बाद 13 व्यक्तियों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया। सुभाष चन्द्र बोस को घोषित सम्मान वापस लिए जाने के उपरान्त मरणोपरान्त सम्मान पाने वालों की संख्या 12 मानी जा सकती है।

1. भारत रत्न की शुरूआत 2 जनवरी 1954 को भारत के राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी।
2. भारत रत्न देते वक्त नस्ल, क्षेत्र, भाषा, लिंग या जाति आदि पर गौर नही किया जाता, अभी तक 45 लोगों को भारत रत्न मिल चुका है जिनमें से 40 पुरूष है और 5 महिलाए है।
3. भारत रत्न 26 जनवरी को भारत के राष्ट्रपति द्वारा इस सम्मान से सम्मानित किया जाता है।
4. शुरूआत में ये था कि After Death किसी को भी भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया जा सकता लेकिन 1955 के बाद मरणोपरांत इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाने लगा इस पुरस्कार से सबसे पहले After Death लाल बहादुर शास्री को सम्मानित किया था, अब तक 12 लोगों मरणोपरांत भारत रत्न मिल चुका है।
5. भारत रत्न किसी दूसरे क्षेत्र की तुलना में सबसे ज्यादा  इससे 21 नेताओ को सम्मानित किया जा चुका है, इनमें से 15 कांग्रेस के है और उनमें से 3 व्यक्ति नेहरू परिवार के है।
6. प्रधानमंत्री भारत रत्न के लिए राष्ट्रपति के पास सिफारिश भेजता है परन्तु दो प्रधानमंत्री ऐसे है जिन्हे पद पर रहते हुए भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है, क्योकिं जबाहर लाल नेहरू और इंदिरा गाँधी को पद पर बने रहते हुए यह अवार्ड मिला था।
7.सन् 1977 में जब भारतीय जनता पार्टी सरकार ने भारत रत्न देना बंद कर दिया था, लेकिन 1980 में कांग्रेस सरकार इसे दोबारा शुरू किया था ।
8. भारत रत्न देने के बाद उसे वापिस भी लिया जा सकता है क्योकि 1992 में सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु के बाद उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था परन्तु बाद में वापिस के लिया गया।
9. भारत रत्न सिर्फ भारतीय नागरिक को ही नहीं बल्कि विदेशियों को भी दिया जा सकता है अब तक 2 विदेशियों को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।
  •  नेल्सन मंडेला को 1990  (South Africa)
  •  ख़ान अब्दुलगफ़्फ़ार ख़ान को 1987 (Pakistan)

10. एक साल में ज्यादा से ज्यादा केवल 3 व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है और ऐसा भी नही है कि हर साल दिया ही जाए. क्योंकि कुछ ऐसे साल थे जब किसी को भी भारत रत्न से सम्मानित नही किया गया।    

  • पदम् पुरुस्कार

पदम् पुरस्कार भारत रत्न के बाद दूसरा सबसे बड़ा सम्मान है इसे भी भारत रत्न के साथ 1977 में बंद कर दिया गया था उसके बाद 1980 में  शुरू किया गया
तीन पदम् पुरुस्कार है

  1. पदम् विभूषण
  2. पदम् भूषण
  3. पदम्-श्री

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