heart attack problem symptoms in hindi हार्ट अटैक के मुख्य लक्षण

हार्ट अटैक एक आम बीमारी की तरह फैल रही है इसका कारण आज के मॉडर्न era में lifestyle रहने से लेकर खाने तक इतनी बदल गई है, जिसके कोई भी बड़ी बीमारी हमारे शरीर में आ जाती है। और हमे पता भी नहीं चलता इन बड़ी बीमारियों में से एक बीमारी Heart attack है। जो की काफी तेजी से फैल रही है यहा तक इस बीमारी की चपेट में 20 से 25 साल के युवा आ चुके है और यह बहुत ही तेजी से फैल रही है पर अगर हम कुछ बातो का ध्यान रखे तो इस बीमारी से आसानी बचा जा सकता है।
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हार्ट अटैक के लक्षण/Reason for heart attack in hindi 

  • सीने के पास किसी तरह बैचनी या दर्द का होना – यह हार्ट अटैक का पहला लक्षण है। अगर सीने के पास किसी तरह की बैचनी या दर्द हो तो यह हार्ट का संकेत हो सकता है  इसे Ignore नहीं करना चाहिए ।
  • थोड़ी भागदौड़ या चलने से थक जाना – जब हार्ट सही तरिके से काम नहीं करता तो किसी भी काम को करने में जल्दी थक जाते है। या थोड़ा सा चल लेने में हार्ट बीट का बढ़ जाना भी हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है ।
  • काम किये बगैर पसीना आना – दिल का दौरा पड़ने वालो को ज्यादा पसीना आता है, यह हमारे शरीर के नर्वस सिस्टम के जरूरत से ज्यादा active हो जाने के कारण होता जिसके कारण हार्मोन्स पसीने के साथ शरीर बाहर निकलने लगते है  और हार्ट अटैक आता है।
  • सांस का फूलना या लेने में कठनाई होना – हार्ट जब सही तरह से काम नहीं करता तो फेफड़ो में पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं पहुंच पाती। जिससे फेफड़े सही तरह से काम नहीं कर पाते और फलस्वरूप हार्ट प्रॉब्लम बढ़ती है।
  • हार्ट बीट 70 से 80 प्रति मिनट न रहना – हार्ट का जरूरत से ज्यादा या कम धड़कना भी ह्रदय के लिए घातक हो सकता  है। क्योंकि जब मनुष्य की धड़कने 70 से 80 प्रति मिनट न हो तो  हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है पूर्ण स्वथ्य मनुष्य की धड़कने एक मिनट में केवल 72 बार ही धड़कती  है ।
  • रेगुलर ज्यादा खर्राटे लेना – खर्राटे लेना आप समस्या नहीं आम तौर पर लोग मानते है की खर्राटे लेने वाले गहरी नींद में होते है पर यह बिल्कुल गलत है  खर्राटे लेने से शरीर में आक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है इससे हार्ट पर बुरा असर पड़ता है यह हार्ट डिजीज को बढ़ाने में मदद करते है।
  • पैरो में सूजन रहना – जब हार्ट सही तरिके से काम नहीं करता तो कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में वृद्धि हो जाती है जिसके वजह से पैरो सूजन आ जाती है।

हार्ट अटैक से बचने के उपाय

  1. स्मोकिंग – स्मोकिंग करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का घनत्व(Density) कम हो जाता है। जो की शरीर में संतुलन बनाये रख्नने का काम करते है इससे हार्ट Disease का खतरा बढ़ जाता है।
  2. ज्यादा वजन  – वजन का ज्यादा होना भी हार्ट डिजीज का कारण बनता है क्योंकि शरीर में फैट बढ़ जाने के कारण ख़राब कोलस्ट्रोल पैदा होते है जो हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाता है।
  3. हरी सब्जिया – हार्ट को हैल्दी रखने का यह अच्छा और घरेलू उपाय है इसीलिए हरी सब्जियां जैसे पालक, लौकी, सलाद जैसी कई सब्जिया हम अपने भोजन में शामिल कर सकते है  इससे हार्ट के साथ साथ पूरे शरीर को सही मात्रा पोषण मिल जाता है।
  4. व्यायाम करें – वैसे तो व्यायाम (Exercise) करने से हार्ट के साथ साथ पूरे शरीर को फायदा मिलता है इसीलिए रोज सुबह कम से कम 30 मिनिट Exercise करना चाहिए। इससे कैलोरी बर्न होती है जिससे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करने में मदद मिलती है इससे दिमाग की टेंशन भी कम होती है जो हार्ट disease को रोकता है।
  5. BP कंट्रोल करे – ब्लड सर्कुलशन जब बढ़ता है तो इसका सीधा असर हार्ट पर होता है इसीलिए BP को कंट्रोल  रखना चाहिए।
  6. डायबिटीज कंट्रोल – डायबिटीज की बीमारी के कारण हार्ट में जो नसे जाती है उनका ग्लूकोज लेवल बढ़ जाता है इससे कारण नसे की ब्लॉकेज की संभावना बढ़ जाती है।
  7. अनुवांशिक कारण – अगर परिवार में किसी सदस्य को अधिक कोलेस्ट्रॉल की शिकायत है तो यह अगली पीढ़ी में  भी इसकी अधिकता  हो सकती है।
  8. हेल्दी डाइट – डाइट में हाई फैट वाली चीजे नहीं लेनी चाहिए इससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
  9. पर्याप्त नींद – पर्याप्त नींद न लेना भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देता है। इसी के चलते आज हमे युवाओ में भी यह बीमारी देखने को मिलती है क्योंकि वह मोबाइल फ़ोन में इस तरह तल्लीन रहते है। की 12 से 1 बजे के बाद ही सों पाते है जबकि यवाओं को 7 से 8 घंटे नींद  चाहिए और वृद्धो को 9 से 10 घंटे की आरामदायक नींद की जरूरत होती है और हार्ट अटैक के लक्षण को बढ़ावा देती है।

कोलेस्ट्रॉल क्या है 

कोलेस्ट्रॉल शब्द का कई बार उपयोग हुआ इसीलिए यह जान लेना जरूरी है की कोलेस्ट्रॉल क्या है
कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर में एक मॉम जैसा पदार्थ होता है। जो शरीर की वसा को पचाने में मदद करता है अगर इसकी मात्रा शरीर में जरूरत से ज्यादा हो जाय तो शरीर में हार्ट अटैक के साथ कई बीमारिया हो सकती है क्योंकि हमारे शरीर की प्रत्येक कोशिका को जीवित रहने के लिए कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है। इसके बिना कोई भी कोशिका जिन्दा नहीं रह सकती इसकी मात्रा हमारे शरीर में 3.6 मिलिमोल्स 7.8 मिलिमोल्स के बीच में होती है इसी कारण अगर इसकी मात्रा शरीर में जरूरत से ज्यादा हो जाय तो हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

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