अपनी क्षमताओं को कैसे पहचाने – Recognize efficiency moral stories in Hindi

इंसान के पास दुनिया की वह शक्ति है, जिसके लिए कुछ भी असंभव नहीं वह चाहे तो कुछ भी हासिल कर सकता इसके बहुत से उदाहरण है ये सभी लोग जानते है अगर इंसान वाकई में इतना शक्तिशाली है तो वह जो वह चाहता है हासिल कर क्यों नहीं कर पाता, यह प्रश्न सभी के मन में आता है

Recognize efficiency moral stories in Hindi

 

इंसान जो चाहता है अगर उसे नहीं हासिल कर पाता तो उसका सिर्फ एक ही कारण है और वो है – वह अपने आप को हाथी समझ लेता है, जी है आपने बिल्कुल सही पढ़ा वह अपने आप को हाथी समझ लेता है
आपने सर्कश का हाथी तो देखा ही होगा वहा पर उसे एक पतली जंजीर से बांध दिया जाता है पर वह विशालकाय हाथी उसको तोड़ नहीं पाता, जबकि अगर वह उस जंजीर को तोडना चाहे तो एक झटके में ही तोड़कर वहा से आजाद हो सकता है
इसका कारण है वह अपनी क्षमताओं से अनजान होता है उसे यह मालूम नहीं होता की उसके पास कितनी शक्ति है
क्योंकि जब वह छोटा होता है तभी से उसे जंजीर में कस कर रखा जाता है उस समय वह उस जंजीर को तोड़ने की कोशिश करता है पर वह उसे तोड़ने में असफल हो जाता है और बार-बार कोशिश करने बाद भी वह उस जंजीर तोड़ नहीं पाता इसी कारण जब वह बड़ा हो जाता है तब भी वह उस पतली जंजीर तोड़ने का प्रयास ही नहीं करता वह सोचता है, प्रयास करना बेबकूफी है क्योंकि मैं इसे नहीं तोड़ पाउँगा और हार मान लेता है
अब आपको अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा,कि इंसान अपने आप को हाथी समझ लेता है इसका क्या मतलब है क्योंकि उस सर्कस के हाथी की तरह इंसान अपनी क्षमताओं को पहचान नहीं पाता इसी कारण जिस तरह हाथी सोचता मेरा यही जीवन है मैं इससे कभी छुटकारा नहीं पा सकता हूँ  ठीक उसी तरह इंसान बार बार असफल होने के बाद उस काम को छोड़ देता है जो वह इतनी बार असफल होने के बाद आसानी से कर सकता है
Moral of the story – अगर हम किसी काम को करने सफल होते है तो इसका मतलब यह नहीं है की हम उसे कर ही नहीं सकते है हा लेकिन यह बात पूरी तरह सही है की उस काम को करने में समय और मेहनत दोनों ही लगेंगे जो हम अपने धैर्य और आत्मविश्वास से पा सकते है

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