सकारात्मक सोच के इतने सारे फायदे काश ! मुझे पहले पता होता।

सकरात्मक सोच क्या है –  सकारात्मक सोच के फायदे जानने से पहले हमें पता होना चाहिए कि आखिर! सकारात्मक सोच है क्या?
दरअसल, यह एक नजरिया है किसी चीज को देखने का नजरिया जैसे किसी को पानी से भरा आधा ग्लास खाली लगता इसके कारण वह दुखी रहता है वही दूसरी तरफ किसी को आधा पानी से खाली ग्लास भी भरा हुआ दिखाई देता है और वह खुश रहता है। अब आप ही सोचिये ग्लास में पानी समान है पर व्यक्तियों के देखने का नजरिया ही उन्हें सुख और दुख का आभास कराता है।

सकारात्मक सोच के फायदे

दोस्तों नकारात्मक और सकारात्मक सोच समझने के लिए हम पहले ही पोस्ट लिख चुके जिनका लिंक नीचे दिया गया है। इन दोनों बीच बेहतर तरीके से अंतर समझने के इन पोस्ट को भी जरूर पढ़े।

एक सकारात्मक सोच भले ही हर समस्या को सुलझा न पाए,

लेकिन ये कई लोगो को झुंझलाने के लिए काफी होती है।

सकारात्मक सोच रखने के 5 Best फायदे

Growing – सकारात्मक सोच रखने से हमेशा विकास ही होती है। फिर वह विकास बिज़नेस, घर या परिवार का हो ऐसा इसलिए क्योंकि इंसान का मन बेकार के ख्यालों में फसने के बजाय हमेशा उत्साह से भरा रहता है। एक अमेरिकन रिसर्च के अनुसार हमारे दिमाग में अगर Positive थॉट हैं तो किसी काम को करने में आसानी होती है।

Stress Free Life – आज के समय मे ऐसा कोई भी व्यक्ति नही है जो तनाव (Stress) की समस्या से न जूझ रहा हो इसका कारण है नकारात्मक सोच मतलब हर चीज की नकारात्मक नजरिये से देखना ही है। अगर आपको स्ट्रेस फ्री रहना है तो सकारात्मक सोचना ही पड़ेगा।

Increase Tolerance – टॉलरेन्स मतलब सहनशक्ति, पॉजिटिव सोच रखने से सहन करने की शक्ति भी बढ़ती है यहाँ पर सहनशक्ति का अर्थ यह नही की कोई आपको मार रहा है और आपके मार खाने के लिए आपकी सहनशक्ति बढ़ जाये। ऐसा मत सोचिये यहाँ पर इसका अर्थ है किसी भी काम को करने के प्रति नए नए ideas आना या फिर क्रिएटिव बनना।

Health – आज प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से पीड़ित है। और इनमें से सबसे बड़ी बीमारी है मेन्टल और हार्ट अटैक पर अच्छे से सोचे तो आदमी का सकारात्मक न होकर नकारात्मक होना सबसे बड़ा कारण क्योंकि किसी भी चीज के बारे में Negative सोचने या किसी चीज के बारे में ज्यादा सोचने से हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। सकारात्मकता रखकर हेल्थ डिजीज से बचा जा सकता है।

Well Relation – रिश्तों में दरार आज के समय में चाय में शक़्कर की तरह आम बात है। फिर वह दरार चाहे भाई भाई की हो, पति – पत्नी हो या दोस्तों के बीच इसका कारण नकारात्मकता ही है। जो इस दरार के कीड़ा को पनपने में सहायता प्रदान करती है इसी से बचने के लिए सकारात्मक बनो नकारात्मक नहीं।

यह थे सकारात्मक सोच के फायदे अब आप सकारात्मकता के इन फायदों को अच्छे से समझ चुके है इसीलिए आज नहीं अभी से सकारात्मक सोच को अपनाइये और खुशहाल जिन्दगी बनाइये और अपनों के साथ खिलखिलाइये साथ ही इस पोस्ट को सोशल मीडिया Facebook, Whatsapp, Twitter, जहां मन करे शेयर कीजिए ताकि आपके अपनों को सकारात्मक सोच के फायदों के बारे में पता चल सके।

2 Comments

  1. arvind patel 23/01/2018

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