Share Market important terms – शेयर मार्केट की महत्वपूर्ण गतिविधियॉ

शेयर कॉर्नर  
किसी खास कंपनी के शेयर जब कोई व्यक्ति इकठ्ठे करने लगता है तो इसे शेयर कॉर्नर कहा जाता है ऐसा उसी स्थिति में होता है जब निवेशक पूरी तरह से आश्वश्त(Confident) हो की उस कंपनी के शेयर बढ़ने वाले है और यह उसे भविष्य में फायदा दिलाएगा।
ओपनिंग बेल
ये बहुत पुरानी परंपरा है इसकी शुरुआत न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज से 1800 के आसपास हुई थी उस समय हथोड़ा बजाकर बाजार शुरू और ख़त्म होता था ये परंपरा BSE (Bombay Stock Exchange) में आई, लेकिन अब किसी कंपनी के IPO (Initial Public Offering) लाने पर ऐसा होता है।
ब्लू चिप
ये शब्द उन कंपनियो के लिए प्रयोग किया जाता है जो जानी – पहचानी होती है और इनकी तरलता(Liquidity) बाजार में अधिक होती है इनका लेन – देन व उतार चढ़ाव हमेशा सक्रिय होता है ये कंपनिया ज्यातर फायदा देती है जिसके द्वारा कस्टमर ज्यादा फायदा प्राप्त करता है।
मंदड़िये तेजड़िये 
ये वे ऑपरेटर्स है जो बाजार में मंदी या तेजी लाकर लाभ कमाते है मंदड़िये शेयर बेचकर लाभ कमाने में यकीन रखते है जबकि तेजड़िये शेयर खरीदकर तेजी लाते है और फिर लाभ कमाते है ये आम तौर पर ब्लू चिप कंपनियों में सक्रिय होते है ।
चकरी 
इसमें ब्रोकर किसी कंपनी के अधिक से अधिक शेयर बाजार से शेयर खरीदने की कोशिश करते है ऐसा किसी छल से भी है इसमें मंदड़िये और तेजड़िये दोनों सक्रिय(Active) होते है यह स्थिति बाजार के लिए ठीक नहीं मानी जाती है।

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