Well behavior hindi story with moral अच्छे व्यवहार का राज

आदमी का व्यवहार ही आदमी की पहचान होती है यह कहानी व्यवहार पर आधारित है। कैसे आदमी का नजरिया बदलते ही व्यवहार अपने आप ही बदल जाता है।
moral story
एक गांव में एक साधु रहता तह वह साधु हर किसी की समस्या का समाधान करता था। लोग  दूर-दूर से उस साधु से मिलने के लिए आते, वह साधु लोगो से बड़े ही प्यार से मिलता एक दिन एक व्यक्ति उस साधु से मिलने के लिए आया वह आदमी स्वभाव बहुत ही चिड़चिड़ा था उसे हमेशा दुसरो से शिकायते रहती थी।
वह उस साधु से पास आया और उसने कहा साधु जी मुझे अपने इस सरल व्यवहार का राज बताये क्योंकि आप रोज यहां बैठे हजारो लोगो से मिलते है। उनकी तरह-तरह की समस्या सुनते है फिर भी आप का स्वभाव शांत रहता है और सभी से शांति से मिलते है आप यह कैसे कर लेते  है।
यह सुनकर उस साधु ने उत्तर दिया – “शिष्य मुझे अपने इस सरल व्यवहार का राज तो नहीं पता पर मुझे तुम्हारे बारे में एक राज पता है” यह सुनकर उस आदमी ने बड़ी ही उत्सुकुता से पूछा साधु जी आप ऐसा कौन सा राज जानते है मेरे बारे जो मुझे स्वयं को भी नहीं पता।
साधु में अत्तर दिया – तुम्हारी अगले सात दिन में मृत्यु होने वाली है। जैसे ही सातवाँ दिन आयेगा तुम मर जाओगे यह सुनकर उस इंसान को झटका लगा और शांत पड़ गया।
उसने साधु से पूछा इससे बचने का कोई तरीका है साधु ने कहा नहीं अब तुम्हारी मृत्यु निश्चित है यह सुनकर वह आदमी वहा से अपने घर चला गया।
अब उसको पता था की मैं मरने वाला हूँ तो वह सब लोगो से बड़े प्यार से बात करता और सबसे कहता अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ कर देना और न उसे अब किसी बात पर चिढ़ भी नहीं आती थी। वह व्यक्ति पूरी तरह से बदल गया था।
जब उसके मरने का दिन आया तो वह उस साधु के पास गया और बोला मैं आज आखरी दिन है इसलिए मैं आपसे मिलने आया हूँ।
यह सुनकर साधु  पूछा क्या तुमने इन दिनों में गुस्सा किया, उस व्यक्ति ने उत्तर दिया नहीं आखिर अब मैं गुस्सा क्यों करूंगा मेरे पास सिर्फ सात दिन थे। और इस सात दिनों को गुस्से में निकाल देता तो अच्छा नहीं लगता इसीलिए मैं सबके साथ प्यार से रहा।
साधु में उत्तर दिया तुमने मुझसे उस दिन पूछा था की मैं इतना शांत कैसे रहता हूँ। तो यही है मेरे शांत व्यवहार का राज जब हमे पता नहीं की हमारा कौन सा दिन आखरी होगा और किस दिन इस दुनिया को छोड़कर चले जाए इसीलिए हमे सब के प्यार से रहना चाहिए।
Moral of  the Story – जैसा की साधु जी ने इस कहानी में बताया की जब हमे अपने अंत का नहीं पता हम कभी भी इस दुनिया को छोड़ सकते है। तो फिर हमे किसी भी चीज का घमंड नहीं होना चाहिए सभी के साथ अच्छे व्यवहार के साथ रहना चाहिए।

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